Hindi Sex story

स्टूडेंट सलोनी को देसी घी लगाकर चोदा

Antarvasna Hindi Sex Stories स्टूडेंट सलोनी को देसी घी लगाकर चोदा

प्रेषक : राहुल ..

हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम राहुल है। में कोलकाता का रहने वाला हूँ और में पिछले तीन सालों से sexolic.com का पाठक हूँ और मैंने सोचा कि में मेरे साथ घटी हुई एक सच्ची घटना आप सभी से शेयर करूं.. अब आपका ज़्यादा टाईम ना लेते हुए में सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ.. यह कहानी थोड़ी लंबी है.. लेकिन में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी लोगों को बहुत पसंद आएगी। में कोलकाता के एक प्राईवेट डिग्री कॉलेज में लेक्चरार हूँ और मुझे इस नौकरी पर 2 साल हुए.. मेरी उम्र 27 साल है और में दिखने में बहुत अच्छा लगता हूँ जो कि मेरे दोस्त मुझसे कहते है। मुझे जिम जाने का बहुत शौक है क्योंकि मेरा शरीर बहुत अच्छा है और में फिज़िक्स पढ़ाता हूँ। में जिस क्लास में पढ़ाता हूँ उस क्लास में करीब 35 लड़के और 22 लड़कियाँ है और कॉलेज के बाद में अपने घर में प्राईवेट क्लास लेता हूँ।

सलोनी नाम की एक लड़की मेरी क्लास में थी और वो दिखने में बहुत ही खूबसूरत थी। उसकी उम्र 21 या 22 होगी.. फिगर 36-30-34 है.. वो दिखने में एकदम सेक्सी, गोरी थी। में पहले उसे कभी बुरी नज़र से नहीं देखता था.. लेकिन हमारे कॉलेज के पहले साल के इंटरनल टेस्ट के बाद मुझे पता चला कि कॉलेज के कई बच्चे फिज़िक्स में फैल हो गए है.. लेकिन मेरी क्लास के बस 4 या 5 बच्चे ही फैल हुए थे और उनमें से सलोनी भी थी और सब को पता है कि में बहुत अच्छा फिज़िक्स पढ़ाता हूँ। तो सलोनी एक दिन आई और बोली कि सर मुझे कुछ भी करके इस सब में पास करा दो और इसके लिए में कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ। उस दिन वो सफेद कलर की एक टाईट शर्ट और एक जिन्स पेंट पहन कर आई थी.. जिसमें उसकी मस्त कमर दिख रही थी और शर्ट टाईट होने के कारण बूब्स भी ऊपर उठ गए थे।

फिर जब वो बातें करते हुए मेरे सामने झुकी तो उसके बड़े बड़े बूब्स को देखकर मेरी नियत खराब होने लगी और मेरा लंड पेंट के अंदर छटपटाने लगा। फिर मैंने तब सोचा कि इसे घर बुलाता हूँ और फिर इसका फायदा उठता हूँ और मैंने उससे कहा कि तुम एक काम करो.. मेरी कोचिंग में तो बहुत ज्यादा बच्चो का कोर्स चल रहा है तो में तुम पर ज्यादा ध्यान नहीं दे सकता तो तुम रात को मेरी क्लास खत्म होने के बाद 9 से 11 बजे तक मेरे घर पर आया करो और मैंने उस दिन उसके घर जाकर उसके पिताजी से भी बात कर ली। मैंने उस दिन उसकी कमर और बूब्स को सोचकर 3 बार मुठ मारी और अब वो रोज मेरे घर आया करती थी और में उसे पढ़ाया करता था। में उस पर चान्स मारना चाहता था.. लेकिन इधर उधर हाथ लगाने के सिवाए और कुछ आगे हो नहीं पा रहा था। एक दिन जब सलोनी मेरे घर आने वाली थी तो मैंने जानबूझ कर अपने रूम का दरवाजा खुला छोड़ दिया और अपने कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म लगाकर थोड़ी ज़्यादा आवाज खोलकर फिल्म देखन लगा और में अपनी पेंट उतार कर लंड को हिला रहा था। तभी सलोनी अंदर आई और मुझे ढूंडते हुए मेरे कमरे तक आ गई और उसे कुछ अजीब सी आवाज़े सुनाई दी तो उसने थोड़ा दरवाजे को खोला और देखने लगी। में उसे सामने दीवार पर लगे शीशे से देख रह था और वो मेरे 7 इंच के लंड को ही घूर रही थी.. उसका पूरा शरीर अजीब सा होने लगा और वो अपनी चूत सिकोड़ने लगी.. मुझे लगा कि अब उसकी चूत गीली हो गई है और में इसे प्यासा, तड़पता हुआ इस हाल में कुछ ना करूँ तो वो अपने आप मुझसे चुदवाने आएगी और फिर मैंने अपने कंप्यूटर बंद कर दिया और वो झट से दरवाजे से भाग गयी। तो में 5 मिनट बाद स्टडी रूम में आया और उसे बोला कि मुझे माफ़ करना में सो गया था और मुझे नींद की वजह से थोड़ी देर हो गई। तो उसने कहा कि कोई बात नहीं सर और उसके बाद से उसकी मेरे साथ बातचीत बदलने लगी.. वो दिन ब दिन अपने बदन को मेरे सामने नये नये तरीकों से दिखाने लगी और किसी ना किसी बहाने से मेरे बदन को छूने की कोशिश करने लगी। फिर एक दिन उसने मुझसे पूछा कि सर क्या आपकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? तो मैंने कहा कि नहीं.. मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। तो उसने मेरी बात पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं किया और कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता.. आप दिखने में इतने अच्छे हो तो आपकी कोई गर्लफ्रेंड कैसे नहीं हो सकती? तो मैंने कहा कि मुझे आज तक तुम्हारी तरह कोई खूबसूरत लड़की मिली ही नहीं तो मैंने गर्लफ्रेंड नहीं बनाई। तो वो शरमा गयी और फिर मैंने अब अपना एक हाथ उसकी पीठ पर और दूसरा हाथ जाँघ पर हाथ रख दिया और वो कुछ नहीं बोल रही थी।

फिर उसके जाने के बाद मैंने ठान लिया कि कल शनिवार है और में उसे मौका देखकर चोदकर ही रहूँगा। फिर जब वो आई तो मैंने उसे कहा कि मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है क्या तुम मेरी थोड़ी मालिश कर दोगी? तो वो तुरंत मान गयी.. लेकिन बोलने लगी कि मैंने आज सफेद ड्रेस पहनी है और वो मालिश करने से खराब हो ज़ायगी। तो मैंने उसे बोला कि कोई बात नहीं तुम एक टावल पहन लो और मेरी मालिश कर दो और फिर थोड़ी देर सोचने के बाद वो मान गयी और में अंदर गया और अंडरवियर पहन कर आ गया। फिर वो मेरे पैरों को मालिश कर रही थी और उसके गोरे गोरे जिस्म पर उसकी काली ब्रा की डोरी मुझे साफ साफ दिख रही थी और उसकी गोरी दूध जैसी सफेद जाँघ देखकर मेरा लंड अंडरवियर फाड़कर बाहर आने को बैताब था। वो मालिश करते वक़्त बस मेरे लंड को ही देख रही थी और बार बार अपना एक हाथ उस पर घुमा रही थी। फिर उसने कहा कि सर आपका यह इतना बड़ा क्यों हो रहा है? अभी तो छोटा था। तो मैंने अंजान बनकर पूछा कि क्या? तो वो थोड़ा सा शरमाई.. मैंने बोला कि शरमाओ मत बोलो तुम अभी क्या कह रही थी?

तो वो इशारा करके बोली कि आपका लंड अभी बहुत छोटा था और अब बड़ा ऐसा क्यों? तो मैंने सोचा कि लड़की फंसने लगी है और इसे हाथ से जाने नहीं देना चाहिए और मैंने कहा कि मुझे भी पता नहीं.. ना जाने क्यों तुम्हे देखने के बाद इसमें दर्द भी होने लगा और फिर उसने कहा कि क्या में इसकी भी मालिश कर दूँ? तो मैंने कहा कि ठीक है जैसा तुम्हे अच्छा लगे कर दो। फिर उसने जल्दी से अपने हाथों से मेरी अंडरवियर उतार दी और 5 मिनट तक उसे घूर घूरकर देखने लगी। तो मैंने पूछा कि क्या हुआ क्या इससे पहले कभी नहीं देखा? तो वो शरमा गई और बोली कि मैंने इससे पहले ब्लू फिल्म में देखा था.. लेकिन इतना बड़ा असली में मैंने कभी नहीं देखा था। फिर में बोलने लगा कि ठीक है देखो और जो करना है करो.. लेकिन इसका दर्द थोड़ा कम करो। तभी वो बोलने लगी कि क्या में इसे मुहं में ले लूँ? तो मैंने बोला कि तुम इसे अपना ही समझो। तो उसने झट से उसे मुहं में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी और में तो जैसे आसमान में उड़ रहा था और इतने में उसका टावल निकल गया.. लेकिन वो लंड चूसने में व्यस्त थी। दोस्तों ये कहानी आप sexolic.com पर पड़ रहे है।

फिर कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि तुमने मेरा लंड बहुत चूस लिया.. अब में भी तुम्हारी चूत चूसना चाहता हूँ। तो उसने झट से अपनी ब्रा और पेंटी को उतार कर फेंक दिया और उसके बूब्स ब्रा से बाहर आते ही हवा में झूलने लगे एकदम रसीले आम की तरह और फिर मैंने झट से सीधे बूब्स को मुहं में भर लिया और चूसने लगा.. उसके मुँह से आवाज़ें आने लगी आहह खा जाओ इसे दबाओ और जोर से प्लीज़। फिर में उसकी चूत को भी सहलाने लगा तो वो तड़पने लगी.. मैंने जब उसकी चूत को देखा तो क्या चूत थी.. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और हम तुरंत 69 पोज़िशन में आ गए और हम दोनों एक दूसरे को चूमने, चूसने लगे और उसकी चूत दो बार पानी छोड़ चुकी थी और वो बोलने लगी कि सर प्लीज अब मुझे चोद दो और आज चोद चोदकर मेरी चूत फाड़ दो। तभी मैंने उसके दोनों पैरों को मेरे कंधे पर रखा और मेरा लंड उसकी चूत में सेट किया और धक्का जोर का धक्का मारा.. लेकिन लंड बार बार फिसलता रहा और फिर में किचन में गया और थोड़ा देसी घी लेकर आया।

तो मैंने थोड़ा घी उसकी चूत पर और थोड़ा मेरे लंड पर लगा लिया और पूरी ताक़त लगाकर एक जोर का धक्का मारा तो इस बार लंड तीन इंच तक चूत के अंदर चला गया और उसकी एक जोरदार चीख निकल गई आअहह मर गई और उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे और वो बार बार मुझसे लंड को बाहर निकालने को कह रही थी.. लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और तेज रफ़्तार से उसे चोदने लगा। उसकी चूत से अब खून निकल रहा था.. 10 मिनट बाद वो भी शांत होकर चुदाई के मज़े लेकर अपनी गांड हिलाकर चुदने लगी और चिल्लाने लगी और ज़ोर से चोदो मुझे फाड़ दो मेरी चूत.. आज मुझे पूरी औरत बना दो आह्ह्ह्ह और जोर से आअहह और आधे घंटे की चुदाई के बाद में उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया और में उसके ऊपर ही थककर लेटा रहा। आधे घंटे बाद हम दोनों को होश आया और मैंने घड़ी देखी तो 12 बज चुके थे। फिर मैंने उसके पापा को फोन करके बोल दिया कि आज परीक्षा की तैयारी के लिए पूरी रात पढ़ाई होगी और कल सुबह में खुद ही उसे घर पर छोड़ दूँगा और वो राज़ी हो गये।

फिर जब मैंने बिस्तर की और देखा तो सोनल अभी भी नंगी सोई हुई थी और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। में फिर से उसके ऊपर चड़ गया और इस बार की चुदाई एक घंटे चली फिर वो मुझसे आग्रह करने लगी कि सर अब और नहीं सहा जा रहा.. में मार जाऊंगी। मेरी चूत जलने लगी है। तो मैंने उसे अपनी गोद में उठा लिया और बाथरूम में ले गया। उसकी चूत साफ करने के बाद मैंने उसे एक नींद की गोली और दर्द की गोली दी और सुला दिया ।।

धन्यवाद …

MAA KI ADLA BADLI KARKE CHUDAI

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Dosto aaj ek sacchi hindi sex kahani batane jaa raha hu. jaha hum do dost ne milkar apni maa ko adla badli karke choda Sabse pahale me meri maa ke bare me kuch bata hu meri maa ka naam pramila age-33 gand badi he aur thodi moti hai or ashish ki maa ka naam anjali aur figure mast hai 36-32-38 ka honge .. mast gand aur badi badi chuchi dost aa rah he to maa ne bhi khana banana shuru kiya muze to chudae me koi problem nahi tha problem to ashish ko tha kyunki usko meri maa ko manana sex me lana tha or dosto woh raat aa gayi ashish apni maa ko leke mere ghar pe aa gaya jaya ko leke jaya ko dekh ke to me jaya ko dekhata hi rah gaya kya maal thi jaya ki gand to mano muze ishara kar rahi thi uske boob kisi football se kam nahi the ek dam bipasha lag rahi thi maine dono ko andar bulaya aur baith ne ke liye kaha dono chair par baith gaye aur fir bari thi mere maa ke jalwe ki maa pani leke aa gayi ashish mere maa ko dekhata hi rah gaya uska land meri maa ko dekh ke khada ho gaya aur uske pant mese bhi nazar aa raha tha ki usaka lund kitna tite ho gaya he or wo to meri maa ko ankhon se nanga kar raha tha kuch waqt aise hi guzara fir jaya ne muze ankh mari aur kaha ki..

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सच्ची कहानी : एक असंतुष्ट भाभी की चुदाई की कहानी

ओह्ह्ह दोस्तों हैडिंग ही पढ़कर आपको मजा आ गया होगा, मैं सभी दोस्तों को स्वागत करता हु अपनी कहानी से, नए यूजर का वेलकम और पुराने यूजर को प्यार भरा नमस्कार, ये मेरी दूसरी कहानी है नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे, पिछली कहानी का बहुत ही अच्छा रिस्पांस मिला था, मेरी कहानी सच्ची कहानी होती है, और आपको पता है की चूत को ढूढ़ने में टाइम तो लगता है, इस बार ४ महीने लग गए है नए चूत का दर्शन करने में, पर चूत मिला बड़ा ही मस्त, मजा आ गया एक बंगाली भाभी की चुदाई ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों लिखते लिखते भी मेरा लैंड मोटा हो रहा है, खैर कहानी खत्म होते ही मूठ मार लूंगा क्यों की भाभी जी भी यहाँ नहीं है वो शिमला गई है घूमने.

आपने पिछले कहानी में ही पढ़ा है मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम का फैन हु, बिना इस वेबसाइट को खोले मुझे रात में नींद ही नहीं आती है, पर आज कल भाभी जी की चूत के बारे में सोच कर ही काम चला लेता हु, पहले मैं आपको अपने बारे में बता दू जिन्होंने मेरी पिछली कहानी नहीं पढ़ी है, मेरा नाम सूर्या है मैं २१ साल का हु, पढाई कर रहा हु, दिल्ली यूनिवर्सिटी में, किराये के फ्लैट में रहता हु, वो भी अकेले, मेरे आस पास सिर्फ फैमिली बालों का ही फ्लैट है, इस वजह से माल की कमी नहीं है, आज तक दो माल को चोद चूका हु, एक तो वर्जिन का सील तोडा और एक जो आज मैं आपको बता रहा हु वो फूली चूत बाली पर अंदर से टाइट भाभी की कहानी है.

मेरे फ्लैट के ऊपर के फ्लैट में एक बंगाली कपल रहता है, शादी के ६ साल हो गए है पर उनलोगो को कोई बच्चा नहीं है, भहि सुपर्णा घोष मस्त माल है, गोरी चिट्टी, लम्बी, कमर पतली, जांघे मोटी, गोल गोल गाल, लम्बे लम्बे बाल, लम्बी गर्दन, ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह बात अब चूच पे आ रही है, साइड से ब्लाउज को देखो तो पहाड़ गगनचुम्बी सी ब्लाउज और ब्रा में बंद दो बड़ी बड़ी सुडौल टाइट चूचियाँ, किसी का भी मन खराब हो जाये भाभी को देखकर, ऊपर से गोरे गोरे मुखड़े पे गाल पे तिल, होठ हमेशा डार्क लाल रंग से रंगा हुआ, सिंदूर की लाली मांग के बीचो बीच, बड़ी सी बिंदी और बड़ी पार बाली साडी, गजब की ढाती है दोस्तों, ऊपर से जब वो स्टेर्स (सीढ़ी) पर चढ़ते हुए उनकी कमर जब मटकती है मत पूछो यारो बिना हस्तमैथुन के काम ही नहीं चलता है,

करीब चार महीने तक उनकी याद में मैंने मूठ मारा है और करीब २ लीटर वीर्य को बर्वाद किया है, इतने में तो हजार के करीब बच्चे पैदा हो जाता, पर एक दिन वो खुसनसीब पल आ गया है जब भाभी जी खुद आई. वो शनिवार का दिन था, रात के करीब १० बजे मेरे दरवाजे को किसी ने खटखटाया, मैं पढ़ रहा था उठा देखा तो ऊपर बाली वही बंगाली भाभी थी, मैंने कहा भाभी जी आप, सब ठीक है ना, तो बोली मैं अंदर आ जाऊँ, तो मैंने कहा हां हां ये कोई पूछने बाली बात है आईये, और अंदर आ गई, आपलोग को तो पता है स्टूडेंट के पास ज्यादा सामान नहीं होता एक गद्दा जो निचे ही बिछा था एक कमरे में उसी पर बैठने के लिए कहा वो भी बिना सरमाये बैठ गई, मैंने कहा आपको तो पता है मैं अभी पढाई कर रहा हु, इस वजह से मेरे पास अभी सब कुछ नहीं है, जिसपे मैं आपको बैठने के लिए कहता, तो भाभी बोली हां हां मैं समझती हु, आप ऐसा क्यों सोच रहे है, मैं भी कोलकाता में अकेले ही रहकर पढ़ी हु,

मैंने फटा फट भाभी जी के लिए चाय लाया बना के वो पि बात करने लगी मुझसे, क्या पढाई कर रहे हो, तो मैंने कहा अभी मैं इंटेर्नन्स एग्जाम का तैयारी कर रहा हु, फिर वो बोलने लगी, मैं एक अच्छे बंगाली परिवार से आती हु, मेरी शादी के हुए ६ साल हुए है, पति का टूरिंग का जॉब है, महीने में १५ दिन ही मेरे साथ होते है, मैं तो तंग आ गई हु, मेरी ज़िंदगी तो बर्वाद लग रही है, सब लोग घूमने जाते है, पति के साथ शॉपिंग करने जाते है पर मेरा पति मेरे साथ नहीं रहता है और रहता भी है तब भी वो ऑफिस के काम में ही बीजी रहता है,

तो मैंने कहा भैया आपसे प्यार तो करते है ना भाभी को सर झुका ली, मैंने कहा भाभी आपसे कुछ पूछ रहा हु, तो सर उठाई तो देखा उनके आँख में आंसू थे मैंने पूछा क्या बात है ? तो वो बोलने लगी, क्या बताऊँ आपको सूर्या जी, वो ऑफिस की एक लड़की के साथ समय बिताते है, दोनों का टूरिंग जॉब है और पति के साथ ही टूर करती है, वो अपने सुंदरता की जाल में फसा ली है, उस लड़की के साथ उनका शारीरिक सम्बन्ध भी है, और आज मैं ज्यादा परेशान हो गई हु, क्यों की आज मैं जब उनका सूटकेस साफ़ कर रही थी तो एक रिपोर्ट मिला ये रिपोर्ट उस लड़की है है, पति का नाम इनका है, और वो ३ महीने की प्रेग्नेंट है, मैं उनको फ़ोन कर रही हु तो वो फ़ोन उठा नहीं रहे है,

वो बाहर रंगरेलियां मना रहे है और मैं सती-सावित्री बनकर उनकी पूजा और सेवा कर रही हु, जब वो गुलछर्रे उड़ा रहे है तो मैं क्यों नहीं, इसलिए मैं आपके पास आई हु, आप भी अकेले है मैं भी अकेली हु, सच पूछिये तो मैंने आपसे आज सेक्स करने आई हु, अब आपको क्या बताऊँ दोस्तों ये सुनकर तो मेरे मन में लड्डू फूटने लगे, पर ऊपर मन से मैंने कहा भाभी जी ये आप क्या कह रही हो, अगर ये बात आपके पति को पता चल गया तो पता है क्या होगा, तो बोली क्यों वो मुह मार सकता है इधर उधर और मैं मुह मारूंगी तो ऑब्जेक्शन होगा, मैंने अब सोच लिए है सूर्या जी की मैं भी अपनी ज़िंदगी जीऊँगी बहुत हो गया है भारतीय नारी का नाटक,

इसके बाद वो मेरे करीब आ गई और मेरी होठ को अपने होठ में ले के किश करने लगी, मैं भी उनके पीठ को सहलाते हुए हुए उसके नरम नरम होठो को चूसने लगा ओह्ह्ह माय गॉड मेरा फेवरेट उनका चूची हाथ लगी गरम था, सहलाने लगा ब्लाउज के ऊपर से ही, तो वो बोली जिस्म को जिस्म से मिलनी चाहिए तब मजा है, शरीर और रूह दोनों मिले तब सेक्स का असल मजा आता है ये सब बोलते बोलते वो अपने आँचल निचे कर दी और ब्लाउज के हुक को खोल दी, मैंने उनके ब्लाउज को उतार के पीछे से ब्रा का हुक खोल दिया, बड़ी बड़ी चूचियाँ निप्पल पिंक कलर का, उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ मैंने तुरंत ही मुह में ले लिया और चूसने लगा, ऐसा लग रहा था की मैं बरसो से प्यास हु, और मुझे अपने बच्चे की तरह पिलाने लगी मेरे सर के बाल को सहलाते हुए.

उसके बाद मैंने उनको लिटा दिया और साड़ी निचे से उतार के पेटीकोट खोल दिया वो क्रीम कलर की पेंटी पहनी थी बड़ी ही सेक्सी पेंटी थी, मैंने उतार दिया और दोनों पैर के बीच में बैठ के, चूत को निहारने लगा, फुला हुआ चूत बीच में दरार सा लाइन, थोड़ा चीरने के बाद अंदर लाल कलर और पतला सा छोटा सा छेद, ऐसा लग रहा था की जैसे इनकी ज्यादा चुदाई नहीं हुई हो, मैं कहा भाभी ऐसा लगता है की भैया का लंड ज्यादा आपके चूत में नहीं गया है, तो बोली वो चोद भी अच्छे तरीके से नहीं पाते है मैं बहुत सेक्सी हु, जब तक मैं गरम होती हु उनका झड़ जाता है फिर मैं लात मार के निचे कर देती हु, ये भी वजह है की वो मुझसे काम प्यार करने लगे है, पर मैं अपनी वासना की आग कहा बुझाऊ इस वजह से आज आपके पास आई हु आज आप मुझे फुल सटिस्फाइ कर दो, मैंने कहा आप चिंता नहीं करो आज ऐसे चोदूंगा की ज़िंदगी भर याद रखोगी.

वो लेटी हुयी थी, बल खुले थे गोरा बदन बड़ी बड़ी चूचियाँ, ओह्ह्ह गोल गोल जाएंगे हलके हलके चूत पे बाल, कातिल निगाहें, होठ गुलाबी एक दम वो सेक्स की देवी लग रही थी, मैंने ऊपर से निचे तक जीभ से टच करने लगा, वो अंगड़ाइयां लेने लगी और फिर मेरे लंड को हाथ में ले ली और बोली बाउ कितना बड़ा और मोटा है, आई लव यू सूर्या, आज मैं खुश होना चाहती हु, आज मुझे संतुष्ट कर दो, और कातिल निगाहों से मुझे देखि.

मैंने निचे आके, उनके चूत को चाटने लगा और जीभ अंदर घुसाने लगा, वो आअह आआह आआह आआह कर रही थी और बार बार अपने चूत से पानी छोड़ रही थी, फिर क्या था मेरा लंड सलामी देने लगा, मैंने अपने लंड को उनके चूत के छेद पे रखा और एक जोर से झटका दिया, पूरा लंड चूत को चीरते हुए अंदर चला गया, उनकी चूत काफी टाइट थी, अंदर बाहर सेट हो गया था, वो दर्द से कराह उठी, और फिर मैं धीरे धीरे अपने स्पीड को बढ़ाया. वो काफी सेक्सी हो गई और गांड उठा उठा के चुदवाने लगी, मैंने उनको पूरी रात चोदा, कभी घोड़ी बना के, कभी खड़ा कर के, कभी उनका पैर अपने कंधे पैर ले के कभी मैं निचे होक उनको ऊपर कर के, खूब चोदा, रात भर में करीब ६ बार चोदा, वो बोली आज मैं पहली बार संतुष्ट हुई हु, आज लगा की मेरे चूत में लंड गया है, मैं काफी खुश हु सूर्या जी, आज से आप जब चाहो मुझे चोद सकते हो, आज से आपकी हु, ये बात बस ध्यान रखना किसी को पता नहीं चलनी चाहिए. आपको मेरी कहानी कैसी लगी जरूर रेट करें, प्लीज

देवर बड़ा रंगीला चोदे मुझे अलग अलग तरीके से

sex-with-bhabhiहाय ! सही कह रही हु दोस्तों, मेरा देवर बड़ा रंगीला है, मजे ले रही हु, ज़िंदगी बड़ी अच्छी चल रही है, भगवान से मनाती हु की ये बात मेरे पति को ना पता चले. मुझे अपनी कहानी लिखने की प्रेरणा मुझे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम से ही मिला है, मैं इस वेबसाइट का रेगुलर विजिटर हु, मैं भी इस वेबसाइट पे आके मुझे दूसरे औरतों की कहानी बहुत अच्छी लगती है, यही एक वेबसाइट है जिसपे औरत भी अपना सेक्स एक्सपीरियंस लिखती है, आज मैं आपको अपनी कहानी बता रही हु,

मेरा नाम हनी है, मैं 28 साल की बहुत ही खूबसूरत महिला हु, मुझे लोग घूर घूर के देखते है, मेरा फिगर काफी अच्छा है, मेरे फिगर की साइज ३४-३२-३४ है, मेरी एक आदत है मैं हमेशा डिज़ाइनर ब्रा और पेंटी पहनती हु, अपने फिगर को मेन्टेन करने के लिए योगा भी करती हु, ताकि मैं जवान दिखूं.

इसी के उलट मेरा पति है, बिलकुल भी अपने शरीर पे ध्यान नहीं देता है, चांदनी चौक में दूकान है, बिलकुल भी नहीं लगता है की नए जवानी का इंसान है, बस पुरखो का दिया हुआ सब कुछ है उसी को सम्हालता है. पर मेरा देवर बड़ा ही रंगीला है, जिम जाता है, मूवी जाता है, नए नए मोबाइल रखता है, दिन भर इंटरनेट पे चैट करता है, मैं काफी प्रभाबित थी अपने देवर से, मुझे ऐसा ही पति चाहिए था, पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था इस वजह से मुझे ऐसा पति मिला, खैर गांड मराये पति मेरा, मैं तो फंसा ली देवर को. मैं अब कहानी पे आती हु.

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मैं बहुत ही चुदक्कड़ स्वभाव की हु, जब मैं जवान हुई तभी से मैं आज तक किसी ना किसी से चुदती आई हु, मैं शादी के पहले खुश थी की मैं ससुराल जाके पति से खूब चुदवाउंगी, मजे करुँगी कोई बंधन नहीं होगा कोई टाइम नहीं होगा जब चाहे लंड अपने चूत में डलवा सकुंगी, पर हो गया उल्टा, कमीना रात को दूकान से आता, और आके भी वो खाता और बही ही देखते रहता और सुबह होते ही फ़ोन पर लग जाता, माल आया माल गया, मेरा तो दिमाग खराब कर दिया था इसने,

मैं एक दिन बाथरूम में नहा रही थी, दरवाजा लगाना भूल गई थी, घर में देवर था वो अचानक ही अंदर आ गया मैं नंगी बाथरूम में थी, सारे कपडे उतार में मैं चूत शेव कर रही थी, उसने मुझे चूत शेव करते हुए देख लिया मैं अवाक् रही गई मैं सोची भी नहीं थी की वो आ जायेगा, वो खड़ा होकर मुझे निहार रहा था मैं और बोला “क्या चीज हो भाभी” क्या मस्त लग रही हो, काश….. मैं थोड़ी शांत हो गई और बोली चलो हो गया अब जाओ बाहर, तो देवर बोला नहीं भाभी प्लीज बाहर मत भेजो, तो मैंने कहा फिर क्या करेगा, तो बोला मैं शेव करूँगा आपकी…. मैंने कहा क्या आपकी… वो बोला आपकी चूत की शेव करूँगा मैं,

मुझे ऐसा लगा की इससे अच्छा मौक़ा नहीं मिलेगा, देवर को पटाने के लिए, मैंने कहा ठीक है करो शेव मेरे चूत पे कही लगना नहीं चाहिए, वो निचे बैठ गया और मेरे चूत के बाल को साफ़ करने लगा, वो तो बस पागल हो गया था, उसका लंड तन गया था, बस मुह से सिस्कारियां ही निकल रही थी, मेरी भी हालत ख़राब हो चुकी थी, मेरे तन बदन में आग लग गई थी, मेरी वासना भड़क गई थी, मैं अब पागल हो रही थी लंड लेने के लिए मैं भी बेक़रार थी, पर देवर बड़ा कमीना था, उसने बोला अब बगल(कांख) की बाल को भी साफ़ करूँगा और मैं हाथ उठा दी ऊपर वो मेरी कांख के बाल साफ़ करने लगा, उसके बाद तो खेल शुरू हुआ दोस्तों/

मेरी चूचियों को दबाने लगा, मुझे पीछे से पकड़ लिया और अपने कपडे खोल दिए, उसका मोटा लंड मेरे गांड पे रगड़ खा रहा था, वो कभी चूच दबाता कभी मेरी नाभि में ऊँगली डालता कभी चूत में ऊँगली डालता, मैं परेशान हो गई, चूत मेरी गीली हो गई थी, मैं वापस घुमी और उसका लंड पकड़ ली और बैठ गई, मैं उसके लंड को चूसने लगी, ऐसा लगा रहा था जन्मो जन्मान्तर से मैं प्यासी हु थी लंड की, मैं चूसे जा रही थी, देवर मेरा बाल पकड़ के अपने लंड को मेरे मुह में अंदर बाहर करने लगा, और गाली देने लगा, कह रहा था रंडी है तुम, मैं कब से चाह रहा था तुम्हे चोदने को आज मौका मिला है जानेमन आज तो तेरी चूत मैं फाड़ डालूँगा, आज तो भाई भी नहीं है वो सूरत गया है.

उसके बाद मेरा देवर मुझे गोद में उठा के बैडरूम में ले आया और पैर अलग करके मेरी चूत को चाटने लगा, मेरे मुह से तो बस आह आअह आअह आअह आअह ही निकल रहा था, उसके बाद उसने अपने लंड के मेरे चूत के ऊपर रखा और एक से दो झटके में मेरे चूत में उसने मोटा काला लंड पेल दिया, उसके बाद क्या बताऊँ दोस्तों लैपटॉप में उसने कामसूत्र मूवी लगा दिया, और वो मुझे अलग अलग पोज में चोदने लगा, कभी बैठा के कभी खड़ा करके कभी पीछे से कभी आगे से,

कभी पीछे से भी चूत में डाल रहा था लंड तो कभी एक पैर उठा के कभी दीवाल में सत्ता के कभी गोद में उठा के, कभी 69 की पोजीशन में हो रहा था, ऐसा लग रहा था की कोई योग का क्लास चल रहा हो, मुझे खूब चोदा उसने मैं पूरी तरह से संतुष्ट हुई थी, आज तक मैं इतनी अच्छी तरीके से आज ही चुदी थी, अब तो मैं चाहती हु की पति घर ना आये, मैं खूब चुद रही हु और काफी खुश हु अपने इस ज़िंदगी से,

अब वो रोज रोज सी डी दिखा के अलग अलग तरीके से चोदता है, मैं तो यही कहूँगी मेरे देवर बड़ा रंगीला चोदे मुझे अलग अलग तरह से.

मेरी नौकरानी कल्याणी दीदी की चुदाई

हेलो दोस्तों. मेरा नाम है रोहित. मैं इस समय 18 साल का हू. मैं दिल्ली का रहने वाला हू. आज मैं आपको अपने लाइफ का एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हु. यह सिर्फ़ 3 हफ्ते पहले की बात है. उस दिन मेरी छुट्टी थी कॉलेज में मैं घर पे था और मेरे मम्मी पापा मार्किट गए थे. मेरे घर मैं सिर्फ़ मैं अकेला था. तभी मा का फोन आया. उन्हो ने कहा की मेरे नाना जी की तबीयत खराब हो गयी है. इसलिए उन्हे घर आने तक रात हो सकती है. उन्हो ने ये भी कहा की कल्याणी दीदी शाम तक हमारे घर ही रहेंगी. इतना कह कर उन्हो ने फोन बंद कर दिया. असल मैं कल्याणी दीदी हमारे घर काम करने आती थी. वो उमर मैं मुझसे ज़्यादा बड़ी नही है. वो 21 साल की है.

अब दीदी के घर आने का टाइम हो गया था. थोड़ी देर मैं वो आ भी गयी. वो घर का सारा काम खत्म कर दी . उसके बाद हम दोनों बैठ गए और सोचने लगे की बाकी का टाइम कैसे कटएगा क्यूकी शाम होने मैं अभी 4 घंटे बाकी थे. दीदी ने कहा “रोहित, चलो टीवी देखते है.” मैने कहा ” ठीक है दीदी.”

“रोहित मैने तुम्हे कितनी बार कहा है की अगर कोई घर पे ना हो तू तुम मुझे मेरे नाम से बुलाया करो. मुझे यह दीदी-दीदी अच्छा नही लगता.”
“ठीक है कल्याणी.”
वो हस्ते हुए टीवी चालू करने के बाद इंग्लीश फिल्म का चॅनेल लगा लिया. मैने चॅनेल की ऑडियो हिन्दी मैं चेंज की और मोविए देखने लग्गा. टीवी पर फास्ट आंड फ्यूरियस आ रही थी. हमने थोड़ी देर देखी. तभी वाहंन पर सेक्स वाला सीन आने लगा था. मैने कल्याणी से रिमोट लिया और चेंज करने ही लगा था के तभी वो बोली”रोहित लगी रहने दो.”
“पर कल्याणी अब इस मे गंदा सीन आने वाला है.”

“तो क्या हुआ. तूने क्या कभी पहले देखा नही ऐसा कुच्छ?”
“नही.”
“तो अब देखले ना. इसमे कौनसा बुरी बात है. मैं तो बहूत पहले से ही ये सारे चीज़ देख रही हू. इस मे बहुत मज़्ज़ा आता है.”
“कैसा मज़्ज़ा?”
“तू सवाल मत पूछ. बस देख. ”
थोड़ी देर बाद वो सीन आ ही गया. हेरोयिन लड़के के उपर कूद रही थी और चीक रही थी.
“कल्याणी इस मैं कैसा मज़ा. लड़की तो चीख रही है.”
“अर्रे यही तो मज़ा होता है. जब लड़की की फुदी मैं लूँ जाता जाई तब यह चीक निकलती है. यह ख़ुशी की चीख होती है. जब लड़की की चूत से पानी निकलता है तब वो चीकती है.”
“फुदी, चूत – यह सब क्या बोल रही हो? मुझे कुछ समझ नही आ रहा.”
मैं तोड़ा अंजान बनने लगा.
“अरे रोहित तू तो भोला है. फुदी वो होती है जहाँ लूँ अंदर जाता है. लूँ होता है….”
ओर तभी उसने अपना हाथ मेरे लूँ पर रख दिया. मेरा खड्‍डा लूँ छ्छू कर वो समझ गयी की मैं मज़ाक कर रहा था.
“रोहित तेरा तो खड्‍डा है. मुझसे झूठ क्यूँ बोला? अब मैं क्या करूँ? तेरे साथ बाते कर के तो मेरी कच्छी गिल्ली हो गयी है.”
“तो इस मे मैं क्या कारू?”

“अब तुम्हे मुझे चोदना होगा. तभी मेरा पानी बहना रुकेगा नही तो…” उसके इतना कहते ही मैने उसकी बात को बीच मैं से काट दिया और उसके होत चूमने लगा.
“इतनी जल्दी क्या है. आराम से करो. हमारे पास बहुत टाइम है.”
फिर हम 10 मीं तक एक दूसरे के होठ ही चूस्टे रहे.
थोड़ी देर बाद उसने अपनी कमीज़ उतरी और मेरे सामने बहूत ही खूबसूरत बूब मेरे सामने थे
“इतने बड़े!”
“लो. इन्हे चूसो. मेरी चुचियाँ चूसो.”

मैं 15 मिनिट तक उसके बड़े बूब चूस्टा गया.
“कल्याणी, तुम आह आह आह उफ़ उफ़ क्यू कर रही हो?”
“रोहित चूचियाँ चूसवने मैं बहूत मज़्ज़ा आता है. मैने एक बार ही चूस्वाई है. अक्चा तुम मुझे…आ….यह बताओ की क्या तुम ने किसी लड़की को कभी चोदा है?”
“नही.”
“मैने भी बस चूच ही चूस्वाए है.”
अब उसने अपनी सलवार नीचे करनी शूरू कर दी. उसने नीचे नीले रंग की टाइट पेंटी पहनी थी जिस पर एक दाग था.
“अब तुम अपना लूँ निकालो.”
जब मैने लंड निकाला तब उसने अचानक से चीख मारी.
“इतना बड्डा! कोई बात नही.”

फिर उसने अपना मूह मेरे लूँ के उपेर किया और उसे चोइसने चाटने और चूमे लगी. मैना उसका सर अपने हाथों से नीचे किया.
“और अंदर लू? ठीक है.”
वो 5 मिनिट तक चूस्टी ही रही. तभी मैने कहा.
“कल्याणी मेरा छ्होटने वाला है. रुक जाओ.”
पर वो नही रुकी. मैने ज़ोर से एक तेज़ धार उसके मूह मे चोद दी और वो सारा अंदर निगल गयी.
“खट्टा था. पर स्वाद भी था. अब तुम मुझे चोद दो बस. मेरी फुदी बहूत तारप रही है.”
बस उसके इतना कहने की देर थी की मैने अपना लूँ उसके स्नदर धसना शूरो किया.
“आ आआआः. और अंदर और अंदर सस्सस्स ओह रोहित अया अयाया. अब आस मुझे चोदो.”
मैने अपना लूँ अंदर बाहर करना सुरु किया. उसने अपने मोम पाकर लिए और ज़ोर ज़ोर से चिल्लानने लगी.
“अया ओह सस्स्सस्स ओह ओह ओह हे भगवान अया आह आह ससस्स.”
थोड़ी देर बाद मैं तेज़ हो गया और जल्दी जल्दी उसकी फुदी चोदने लगा. तभी उसकी चीखे तेज़ हो गयी.
“मैं चुद रही हो. अयाया मेरा झड़ने वाला. अयाया अयाया और चोदो रोहित! आ! आ! अया! और वो झड़ गयी. पर मैं नही रुका. अब वो तड़प रही थी.
“अब रुक जाऊ. बा…बॅस करो.”
“बस मेरा भी छूटने वाला है रुक जाओ थोड़ी देर.”
5 मिनिट तक और चोदने के बाद मेरा भी jhad गया. मैं उसके उपर गिर गया और उसे चूमने लगा. मेरा लूँ अभी भी उसके अंदर था.
“रोहित एक नइई पोज़िशन ट्राइ करते है. ये वैसी है जैसी फिल्म मे थी बस थोड़ी सी अलग है.”
मैं मान गया.
“रोहित एब्ब तुम खरे हो जाओ हा बस ऐसे ही.”
वो मेरे पास आई और अपनी फुदी मैं मेरा लूँ ले लिया. उसने हाथ मेरी गर्दन से लपेट लिए और टाँगे मेरे चित्टरों के साथ. एब्ब मैं उसे और उसके मोम चूस सकता था. वो अंदर बाहर करने लगी. मैं बूब चूस्टा रहा. 15 मिनिट बाद हम दोनो ने अपना माल छोड दिया. हम बिस्तर पर गिर गये.

“कल्याणी तुमने तो कहा था की तुम कभी किसी से नही चुदी . फिर तुमही फुदी इतनी खुली कैसे?”
“असल मैं घर पर मैं अपने आप को वाइपर से चोदती हू. इसीलिए.”
तभी मेरे दिमाग़ मैं एक आइडिया आया. मैं बातरूम गया और वाइपर ले आया.
“कल्याणी तुम हाथ और पाओ के बल लेट जाओ.”
उसने ऐसा ही किया. एब्ब मैं उसके नीचे लेट गया और अपना लंड उसके अंदर दे दिया. फिर मैने वाइपर उसकी टाइट बॉन्ड मैं दे दिया.
“अयाया. उहू सस्सस्स .”
अब मैं वाइपर उसके अंदर धसने लागफा और वो अपनी फुदी मेरे लूँ पे अंदर बाहर करने लगी. मैं उसके मोम चूसने लगा. हम आधे घंटे तक ऐसे ही चोदते रहे. फिर हम दोनो एक साथ झार गये. फिर क्या था वो जब भी काम करने आती थी, बहूत मज़े करता था, कई बार मैं बातरूम मे चोदा कई बार उपर बाले कमरे मे कई बार बूब दबा के ही संतोष करना पड़ता था क्यों की मा और पापा होते है घर पे.