प्रिया भाभी की प्यारी चूत चोदी (Priya Bhabhi Ki Pyari Chut Chodi)

प्रेषक : निर्मल …

हैल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम निर्मल है और में जालंधर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 19 साल है और में एक स्टूडेंट हूँ। दोस्तों आज में आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी बताने वाला हूँ और आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ। दोस्तों मेरी यह स्टोरी हमारे पड़ोस में रहने वाली भाभी की है। दोस्तों यह बात कुछ 5-6 महीने पुरानी है। में अपनी पड़ोस वाली भाभी को बहुत चाहता था और में हमेशा उसकी गांड मारने की सोचता रहता और कभी कभी तो में अपनी भाभी को सोच सोचकर ही मुठ मार लिया करता था, क्योंकि मुझे उनको देखकर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं होता था और वो दिखने में बहुत सेक्सी लगती थी, दोस्तों मेरी भाभी का नाम प्रिया है और भाभी का फिगर 30-28-34 है और उनका रंग गोरा है गांड थोड़ी सी बाहर और सभी लड़के उसको देखकर एकदम दंग रह जाते थे, लेकिन हमारे पड़ोस में रहने के कारण कभी कभी भाभी हमारे घर पर आ जाती और में भी उनके घर चला जाता। भाभी की शादी को दो साल हो गये थे और उनका एक बेटा था वो हमेशा साड़ी में रहती थी, लेकिन कभी कभी वो सलवार सूट भी पहन लिया करती थी और जब प्रिया भाभी सलवार सूट पहनती तो क्या मस्त लगती? उनका गोरा गोरा बदन 32 साईज़ के बूब्स कोई भी लड़का उसको एक बार देखे बिना नहीं रह पाता था। उनके पति दुबई में रहते थे और वो साल में एक बार आते थे और जब भी वो आते तो भाभी का चेहरा एकदम खिल जाता और जब जाते तो वो बिल्कुल उदास सी रहने लगती।

फिर एक दिन उनके घर पर कोई नहीं था, बस भाभी ही थी, क्योंकि उनके घरवाले कहीं बाहर गये हुए थे और वो लोग दो-तीन दिन बाद आने वाले थे, लेकिन मुझे इस बात का पता नहीं था और में हर रोज की तरह ऊपर से जाता था, क्योंकि हमारे घर की दीवार बहुत छोटी थी और में हमेशा ऊपर से ही जाता था और जब में नीचे गया तो में यह क्या देख रहा हूँ कि भाभी कमरे का आधा दरवाजा बंद करके अपनी चूत में अपने एक हाथ से उंगली डाल रही थी? और उसको देखकर मेरा लंड एकदम टाईट हो गया और दोस्तों प्रिया की क्या मस्त चूत थी। बिल्कुल गुलाबी रंग की बिल्कुल साफ? में उसको देखकर एकदम दंग रह गया और मेरा मन करने लगा कि अभी इसे पकड़ कर चोद दूँ, लेकिन मैंने उस समय अपने आप पर कंट्रोल रखा और में छुपकर उनकी वीडियो बनाने लगा और करीब 15 मिनट तक भाभी अपनी चूत में उंगलियाँ डालती रही और मज़े लेती रही। फिर मैंने उसी वीडियो को देखकर घर पर आकर मुठ मारी और उसी शाम को में उनके घर गया। तो मैंने देखा कि भाभी किसी से फोन पर कह रही थी कि तुम अब जल्दी आ जाओ मेरा मन नहीं लगता और वो मुझे बाद में पता चला कि वो सब बातें अपने पति से कह रही है और फिर उन्होंने बहुत गुस्से में फोन काट दिया। फिर मैंने उनके पस जाकर पूछा कि भाभी क्या हुआ? तो भाभी ने मुझसे कहा कि कुछ नहीं, मैंने कहा कि मैंने आपको सब कुछ कहते हुए सुन लिया था, लेकिन आप यह सब किससे कह रही थी? तो उन्होंने कहा कि में वो सब अपने पति से कह रही थी। फिर मैंने कहा कि क्यों भाभी आपको कुछ समस्या है? तो भाभी ने खुद ही कह दिया कि मेरा अब घर पर बिल्कुल भी मन नहीं लगता। मैंने झट से कहा कि भाभी चलो में आपको कहीं बाहर ले चलता हूँ, लेकिन भाभी ने साफ मना कर दिया और अंदर चली गई और वो मुझसे कहने लगी कि तुम 15-20 मिनट यहीं पर बैठ जाओ अगर कोई आए तो उन्हे कह दो कि में घर में नहीं हूँ और अब में नहाने जा रही हूँ। दोस्तों जब भाभी ने कहा कि में नहाने जा रही हूँ तो में मन ही मन बहुत खुश हो गया कि में आज भाभी को नहाते हुए देखूंगा, लेकिन भाभी ने जाते समय बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया, लेकिन उस दरवाजे के ऊपर जाली लगी हुई थी जिसमे से अंदर का सब कुछ दिखाई देता है और फिर जब में सीड़ियों के ऊपर चड़ा तो मैंने देखा कि भाभी बाथरूम में जाकर अपनी साड़ी उतार रही थी और फिर उन्होंने अपनी ब्रा को खोल दिया और देखते ही देखते भाभी मेरे सामने पूरी नंगी हो गई और में उसे घूर घूरकर देखता ही रहा और फिर भाभी अपनी चूत में कल की तरह फिर से उंगलियाँ करने लगी और कुछ देर बाद भाभी उंगली निकालकर अपनी चूत को धोने लगी। तो में यह सब देखकर पूरी तरह से गरम हो गया और उठकर दरवाजे के पास ही मुठ मारने लगा और अब मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चला कि कब भाभी बाथरूम से निकलकर एकदम मेरे पास आकर खड़ी हो गई और जब मैंने देखा कि भाभी मेरे पास आ गई है तो में उसी समय झड़ गया और फिर में उन्हे देखकर बहुत डर भी गया कि अब भाभी क्या कहेगी? तो में जल्दी से अपनी पेंट को ऊपर करके सीधा खड़ा हो गया और फिर भाभी ने पूछा कि तुम यह सब यहाँ पर क्या कर रहे थे? तो में कुछ भी नहीं बोला बिल्कुल चुपचाप खड़ा रहा।

तभी भाभी ने बाथरूम के दरवाजे के पास पड़ी हुई उस बेंच को देख लिया जिस पर चढ़कर में भाभी को नहाते हुए देख रहा था और फिर भाभी ने कहा कि क्यों तुम मुझे नहाते समय देख रहे थे ना? तो मैंने कहा कि भाभी प्लीज मुझे माफ़ कर दो, प्लीज आप यह सब बात मेरे घर पर मत बताना। तो भाभी ने कहा कि चल ठीक है में किसी को कुछ नहीं बताउंगी, लेकिन उसके बदले तुम्हे भी मेरा एक काम करना होगा? मैंने कहा कि वो क्या भाभी? तो भाभी ने कहा कि मेरा सारा जिस्म बहुत दुख रहा है तो क्या तुम इस पर तेल से मालिश कर सकते हो? तो दोस्तों मैंने तुरंत ही हाँ कर दिया, क्योंकि में भी उनके जिस्म को छूना चाहता था और महसूस करना चाहता था। फिर भाभी मुझे पकड़कर अपने साथ ले गई। दोस्तों भाभी ने सलवार सूट पहना हुआ था इसलिए भाभी ने अपनी सलवार को उतार दिया और अपने दोनों पैरों को मेरी तरफ करके उन पर तेल की मालिश करने को कहा। फिर में भाभी के पैरों को तेल लगाकर मालिश करने लगा और फिर धीरे धीरे में ऊपर तक मसलता गया और अब उनकी गांड तक पहुंच गया और में वहीं पर धीरे धीरे मालिश करता रहा और फिर कुछ देर बाद मैंने उनसे कहा कि भाभी आपकी निक्कर पर तेल लग रहा है में अब इसका क्या करूं?

फिर भाभी ने कहा कि थोड़ा ऊपर उठा दो, लेकिन मैंने अब तुरंत ही भाभी की निक्कर को उतार दिया और उनकी गांड पर बहुत सारा तेल लगा दिया और अब मैंने कुछ देर मालिश करने के बाद उनसे कहा कि भाभी पीछे से तो हो गया अब क्या आगे से कर दूँ? तो भाभी ने झट से हाँ कर दिया और वो बिल्कुल सीधी लेट गई और अब भाभी की चूत ठीक मेरे सामने थी और अब भाभी मेरे सामने सिर्फ़ कमीज़ में ही थी और अब मैंने उनकी चूत के ऊपर बहुत सारा तेल लगाया और मसाज के बहाने से मैंने चूत के अंदर अपनी एक उंगली को डाल दिया, लेकिन भाभी कुछ नहीं बोली और 5 मिनट बाद भाभी एकदम खड़ी होकर मुझसे कहने लगी कि क्या तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहोगे? तो मैंने एकदम से उनको हाँ कर दिया, दोस्तों में मन ही मन बहुत खुश था, क्योंकि जिस चूत को में चोदना चाहता था वो मेरे हाथों में थी और जिस भाभी को प्यार करने के में सपने देखता था वो आज खुद मुझसे चुदाना चाहती थी। अब में बिल्कुल पागल होकर भाभी को किस करने लगा और किस करते हुए में ऊपर से ही भाभी के बूब्स को दबाने लगा, जिसकी वजह से भाभी अब थोड़ी गरम हो गई थी और अब भाभी ने नीचे बैठकर मेरी पेंट खोलकर मेरा 8 इंच का लंड बाहर निकाल लिया और कहने लगी कि तुम्हारा इतना बड़ा कैसे है? तो मैंने भाभी से पूछा कि क्यों भाभी आपको पसंद आया? तो भाभी हल्के से मुस्कुराने लगी और मेरे लंड को पूरा मुहं में डालकर चूसने लगी और ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करने लगी और मेरा लंड करीब बीस मिनट बाद ऐसे ही उसके मुहं में झड़ गया और भाभी ने सारा पानी पी लिया और फिर मैंने भाभी के सारे कपड़े उतार दिए और अब मेरे सामने भाभी बिल्कुल नंगी थी, में उनके बूब्स पर एकदम टूट पड़ा और बच्चों की तरह बूब्स चूसता रहा और भाभी भी गरम होने के कारण तड़प रही थी और अब में बूब्स को छोड़कर उनकी चूत को चाटने लगा और अपनी उंगली भी भाभी की चूत में डालता गया और अब भाभी भी कह रही थी कि प्लीज अब बस करो, जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि मुझे पता था कि जितना किसी को तड़पाओ सेक्स करने में उतना ही ज़्यादा मज़ा आता है और फिर 10-15 मिनट के बाद मैंने अपने लंड पर थोड़ा तेल लगाकर उनकी चूत पर रखा और ऊपर से ही घिसने लगा और फिर एकदम ज़ोर का अंदर झटका मारा और अब मेरा आधा लंड उनकी चूत में चला गया और भाभी चीखने चिल्लाने लगी आह्ह्हह्ह्ह्हअहह आईईईईई ओहहहहह और तेज हाँ और तेज पूरा अंदर डाल दो और ज़ोर से धक्का दो, मेरी चूत को आज तुम फाड़ दो। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने अपनी स्पीड को और बड़ा दिया और में अब लगातार धक्के देता रहा और कुछ देर बाद मैंने भाभी को अपने ऊपर आने को कहा और मेरे लंड पर बैठने को कहा तो भाभी ने ऐसा ही किया और मैंने उनसे कहा कि भाभी अब आप धीरे धीरे अपनी गांड को ऊपर नीचे करो, लेकिन भाभी से यह सब नहीं हो रहा था, इसलिए में उनकी मदद करने लगा और फिर कुछ देर बाद मैंने भाभी को नीचे उतारकर लंड चूसने को कहा और फिर मैंने उन्हे डॉगी स्टाइल में होने को कहा और फिर में पीछे खड़ा हो गया और उनकी गांड में अपना लंड डालने लगा, लेकिन भाभी ने कहा कि मुझसे गांड में नहीं लिया जाएगा, प्लीज तुम ऐसा मत करो, लेकिन मैंने कहा कि भाभी कुछ नहीं होगा, में बहुत धीरे धीरे करूंगा और अब में अपना लंड उनकी गांड में डालने लगा, लेकिन थोड़ा सा ही अंदर गया। फिर में अपना लंड थोड़ा सा बाहर निकालकर फिर से डालने लगा और धीरे धीरे मैंने अपना सारा लंड भाभी की गांड में घुसा दिया। भाभी अब और भी ज़्यादा ज़ोर से चीखने लगी आह्ह्ह्ह्ह ओहह्ह्ह आईईई प्लीज बाहर निकालो इसे नहीं तो मेरी गांड फट जाएगी, लेकिन मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और भाभी आआह्ह्हहह ओह आईईईइ माँ बचाओ मुझे प्लीज थोड़ा धीरे धीरे करो।

फिर 5-10 मिनट के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकालकर प्रिया भाभी की चूत में डाल दिया और अब भाभी थोड़ा सा शांत हो गई थी और फिर मुझे लगा कि अब में झड़ने वाला हूँ तो मैंने अपना लंड प्रिया की चूत में ही रखा और फिर मैंने प्रिया की चूत में ही अपना लंड झाड़ दिया और मैंने भाभी को धन्यवाद कहा, लेकिन भाभी ने कहा कि में तुम्हारी वजह से ऐसे लंड का मज़ा ले पाई हूँ और फिर भाभी ने मुझसे कहा कि आज रात में घर पर बिल्कुल अकेली हूँ तो तुम यहीं पर रह जाओ। तो मैंने कहा कि ठीक है और मैंने घर पर फोन कर दिया कि आज रात में अपने दोस्त में घर पर ही रहूँगा। मेरे घर वालों ने कहा कि ठीक है और फिर मैंने और भाभी ने रात को दो बार सेक्स किया। ऐसे ही हम लोग जब भी मौका मिलता सेक्स करते रहते और फिर जब भी उनके घर पर कोई नहीं होता था तो में वहां पर चला जाता और कभी कभी जब हमारे घर पर कोई नहीं होता था तो वो आ जाती और हम बहुत बार चुदाई के मज़े लेते ।।

धन्यवाद …